:
Breaking News

मुंगेर नक्सल मुक्त: सुरक्षा और विकास की रणनीति ने बदली जिले की तस्वीर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार का मुंगेर जिला, जो बीते कई दशकों से नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाता था, अब पूरी तरह बदल चुका है। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस के अनुसार मुंगेर को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की ‘लेगेसी और थ्रस्ट जोन’ श्रेणी से हटा दिया गया है। इसका अर्थ साफ है: मुंगेर अब आधिकारिक तौर पर नक्सल मुक्त जिला बन चुका है।
मुंगेर की यह सफलता अचानक नहीं आई। इसके पीछे केंद्र और राज्य सरकार की सख्त रणनीति और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई अहम रही। “सरेंडर करो या कानून का सामना करो” के संदेश के साथ सुरक्षा बलों ने जंगलों और दुर्गम इलाकों में निरंतर ऑपरेशन चलाए। पेसरा कैंप और जमुई के चोरमारा कैंप जैसी रणनीतिक चौकियों की स्थापना से नक्सलियों की गतिविधियां कमजोर हुईं। हाल के दिनों में कई बड़े और इनामी नक्सलियों के आत्मसमर्पण ने संगठन की रीढ़ ही तोड़ दी। खड़गपुर में डीजीपी के सामने तीन इनामी नक्सलियों ने हथियार डाल दिए, जिससे जिले में नक्सली खतरा लगभग समाप्त हो गया।
मुंगेर पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद का कहना है कि केवल सुरक्षा अभियान ही नहीं, बल्कि विकास योजनाओं और पुलिस-जन संवाद ने भी माहौल बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूरदराज गांवों तक सड़क, बिजली, सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी गतिविधियों के विस्तार से लोगों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ा और वे मुख्यधारा से जुड़ने लगे।
यह बदलाव हालिया विधानसभा चुनाव में साफ नजर आया। पहले सुरक्षा कारणों से शिफ्ट किए जाने वाले मतदान केंद्र इस बार पूरी तरह सुरक्षित और भयमुक्त रहे। यही संकेत है कि सुरक्षा और विकास एक साथ चलें तो बड़े सामाजिक और राजनीतिक संकट को भी प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
मुंगेर का यह मॉडल बताता है कि कठोर सुरक्षा नीति, नक्सलियों का आत्मसमर्पण और विकास की गति एक साथ मिलकर नक्सलवाद जैसी जटिल चुनौती को समाप्त कर सकती है। अब मुंगेर की यह उपलब्धि अन्य नक्सल प्रभावित जिलों के लिए भी मिसाल बन सकती है, जहां कानून, सुरक्षा और विकास का संतुलन समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण पेश करता है।
मुंगेर की नक्सल मुक्त यात्रा यह संदेश देती है कि अगर सख्ती और विकास साथ-साथ चलें तो कोई भी चुनौती स्थायी नहीं रहती। जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों की मेहनत ने इसे एक ऐसा क्षेत्र बना दिया है, जिसे अब भय की जगह विश्वास और विकास की पहचान मिली है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *